ड्रीम प्रोजेक्ट की हकीकत ही नहीं मालूम अधिकारियों को ,बैठक में नागरिकों के सवालों पर मुंह ताकते रहे अफसर

 

डोंगरगांव : शहर में हो रहे सड़क चौड़ीकरण के मामले को लेकर नगरवासियों और अधिकारियों की बैठक स्थानीय विश्राम गृह में मंगलवार को आयोजित हुई। जिसमें नागरिकों के विभिन्न सवालों का जवाब देने के लिए अधिकारियों को बुलाया गया था, किंतु इस बैठक में अधिकारियों के पास सवालों का जवाब नहीं था और एक दूसरे का मुंह ताकते रहे. वहीं बड़ी बात यह रही कि विधायक दलेश्वर साहू का शहर के सभी कार्यों में हस्तक्षेप रहा है लेकिन मंगलवार की महत्वपूर्ण बैठक में ना तो वे उपस्थित रहे और ना अध्यक्ष व उपाध्यक्ष उपस्थित थे। पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यपालन अभियंता ए.के.चौहान शहरवासियों व व्यापारियों की समस्याओं को सुना और एक सप्ताह के भीतर सभी समस्याओं का निदान और बातों का खुलासा करने की बात कही.
बता दें कि वर्तमान में शहर के ट्रैफिक को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है लेकिन यह कार्य शहरवासियों को रास नहीं आ रहा है. यह पहला मौका है जब सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को किए बिना सीधे रोड का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इतना ही नहीं सड़क बनाने से पहले डिवाइडर बनाया जा रहा है जो किसी भी प्रकार से सही नहीं है. इन्हीं बातों को लेकर शहरवासी एकजुट हुए थे।


शहर के भीतर ना बने डिवाइडर:

जिस प्रकार से शहर के बाहरी हिस्सों में डिवाइड का निर्माण हो रहा है उसे लेकर नगरवासी खासे नाराज हैं और उतनी ही चौड़ाई में शहर के भीतर भी डिवाइडर बनाए जाने को लेकर व्यापारी भी चिंतित है। उनका कहना है कि डोंगरगांव का मार्केट सड़क के दोनों और से संचालित होता है और यदि डिवाइडर बनाया जाएगा तो व्यापार पूरी तरीके से प्रभावित होगा। इसके संबंध में भी अधिकारियों और व्यापारियों के बीच चर्चा हुई. इसके साथ ही रोड के किनारे अतिक्रमण और निजी भवनों के।तोड़फोड़ पर भी चर्चा की गई लेकिन इन सबके बीच भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि शहर में ट्रैफिक का दबाव हद से ज्यादा बढ़ चुका है. ऐसे में एक बेहतर विकल्प चुना जाना अतिआवश्यक है जिससे राहगीर और शहरवासी सुगमता से आवागमन कर सके। शहर के भीतर यदि डिवाइडर बनता है तो व्यापार प्रभावित होने की संभावना है और यदि डिवाइड नहीं बनाया जाता है तो और ज्यादा सड़क दुर्घटना होने की संभावना है. शहर की सबसे बड़ी परेशानी यहां पार्किंग नहीं है और जो वाहन दुकानों के सामने खड़ी होती है वह रोड तक आती है, जिससे आवागमन पूरी तरीके से बाधित रहता है.
*बगैर जवाब के एक दूसरे का मुंह ताकते रहे अधिकारी*: बैठक में उपस्थित पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता सहित एसडीम, पीएचई, नगर पंचायत सीएमओ सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे. इधर नगरवासियों के सवालों का जवाब देते इन अधिकारी कर्मचारियों को नहीं बना. इस पूरी बैठक में नतीजा सिर्फ यह निकला कि विधायक के ड्रीम प्रोजेक्ट की हकीकत स्वयं अधिकारियों को मालूम नहीं है. उन्हें ना तो रोड चौड़ीकरण के लिए कितनी जमीन की आवश्यकता है, कितना उपलब्ध है, कितने फिट में रोड बनेगा, पाइपलाइन शिफ्ट हुआ है या नहीं, बिजली पोल शिफ्टिंग कब होगा, कैसे होगा या कब तक किए जाएंगे इसकी पुख्ता जानकारी नहीं दी गई. मौके में उपस्थित सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार लेखराम साहू उपस्थित रहे और लगातार की गई लापरवाही व गुणवत्ता को लेकर कितनी बार उन्हें नोटिस दिया गया, इसके संबंध में भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं था।

*यह है रोड निर्माण का स्टीमेट

: रोड निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा इसके संबंध में बोर्ड के माध्यम से जानकारी दी है कि डोंगरगांव बस्ती फोरलेन चौरीकरण व उन्नयन कार्य 3 किलोमीटर का किया जाना है. जिसके लिए 18 करोड़ रुपए की प्रशासक स्वीकृति मिली. रोड निर्माण का कार्य 12 मई 2023 को प्रारंभ किया गया, जिसे वर्षा ऋतु सहित 9 माह में पूर्ण किया जाना है।

*बगैर प्लानिंग के प्रारंभ किया गया रोड निर्माण*:

रोड निर्माण कार्य को लेकर विभाग के द्वारा बगैर प्लानिंग व दबाव के चलते शुरू कर दिया गया था. इधर राहगीर और आमजनता इसका खामियाजा जान-माल की हानि करके भुगत रही है. रोड निर्माण को लेकर अक्सर यह देखा गया कि रोड निर्माण कार्य के पहले प्रभावित होने वाले स्थान की जानकारी सहित शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया की जाती है. जिसमें विद्युत विभाग से संबंधित स्ट्रीट लाइट, ट्रांसफार्मर, हाईटेंशन तार का व्यवस्थापन किया जाता है. इसके साथ ही पाइपलाइन, केबल शिफ्टिंग और फिर राजस्व अम्लों के द्वारा रोड निर्माण के लिए जगह उपलब्ध कराई जाती है. इसके बाद स्टार्टिंग पॉइंट के एक साइड से गुणवत्ता के साथ रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाता है. इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित होने वाले सभी पहलुओं पर विचार किया जाता है लेकिन शहर में हो रहे रोड निर्माण के लिए ना कोई ठोस प्लानिंग है ना कोई जानकारी और कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. शहरवासी फिलहाल बेतरतीब बना रहे डिवाइडर और धूल से परेशान है. इतना ही लापरवाही और धूल के कारण शहर के एक नागरिक की जान भी चली गई. इसकी शिकायत स्वयं परिजन ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष की. वहीं स्थित है कि अब यदि अधिकारी स्पष्ट और सही प्लानिंग के साथ काम नहीं करेंगे तो उग्र आंदोलन भी होना तय है. बैठक के अंतिम में यह बात सामने आयी कि एक सप्ताह के भीतर सभी सही और सटीक जानकारी नगरवासियों को उपलब्ध कराई जाएगी.