रायपुर, 11 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गईं। इसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा जनजाति विकास विभाग से जुड़े विभिन्न प्रावधान शामिल हैं।
सदन में चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा खेती-किसानी में बसती है और राज्य की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि राज्य में किसानों से धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है तथा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति वर्ष 10 हजार रुपए की आदान सहायता दी जा रही है। दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीकों पर भी काम किया जा रहा है।
मंत्री नेताम ने बताया कि मत्स्य बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में अब छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं वनांचल क्षेत्रों में आश्रम-छात्रावासों के भवन बनाए जा रहे हैं और बीजापुर में 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय स्थापित किया जाएगा।
