रायपुर। टैगोर नगर स्थित पटवा भवन में रविवार को आयोजित धर्मसभा में उपाध्याय भगवंत मनीष सागर जी महाराज ने कहा कि समाज हमें जीवन को बेहतर बनाने का मार्ग देता है। स्वार्थ नहीं, सेवा और सहयोग के भाव से समाज से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि समाज व्यक्ति को आत्मिक उन्नति और कर्तव्य बोध कराता है। समाज के बिना न व्यक्तित्व बन सकता है, न ही जीवन में स्थिरता आ सकती है।
उपाध्याय जी ने कहा कि व्यक्ति, परिवार और समाज एक श्रृंखला हैं। यदि व्यक्ति बिंदु है तो समाज सिंधु है। समाज के बिना व्यक्ति अधूरा है।
धर्मसभा में उन्होंने जिन शासन, आत्मा और कर्तव्यबोध पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में समाज के योगदान को समझना चाहिए और उसके प्रति आभार व दायित्व का भाव रखना चाहिए।
