आत्मा जागी तो सब जागेगा : मनीष सागर जी महाराज

रायपुर। टेगौर नगर स्थित पटवा भवन में जारी चातुर्मासिक प्रवचनमाला में उपाध्याय मनीष सागरजी महाराज ने कहा कि आत्मा जागृत होने पर ही जीवन में असली जागृति आएगी। अलार्म बज सकता है, लेकिन उठना हमें खुद होगा। सत्संग, सतगुरु और परमात्मा से प्रेरणा लें, पर भरोसा खुद की चेतना पर हो।

महाराज ने कहा कि सुख-दुख में सम रहने की कला विकसित करनी होगी। पाप से बचें, पुण्य कमाएं और समता में टिके रहें। उन्होंने कहा कि आत्महत्या या किसी को दुख देना अधर्म है। शुभ निमित्त चुनने से शुभ प्रवृत्ति और फिर शुभ भाव उत्पन्न होते हैं, जिससे तत्वज्ञान और आत्मजागृति की ओर बढ़ा जा सकता है।

हर क्षण जागरूक रहने का अभ्यास ही प्रमाद को खत्म कर सकता है और संयम को अखंड बना सकता है।