रायपुर। टेगौर नगर पटवा भवन में आयोजित धर्मसभा में उपाध्याय भगवंत मनीष सागरजी महाराज ने कहा कि परिवार को सफल और सुसंस्कृत बनाने के लिए तीन बातों का पालन जरूरी है—शांति, संस्कार और प्रगति।
उन्होंने कहा कि परिवार में शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे, सभी सदस्य संस्कारों के प्रति जागरूक हों और एक-दूसरे की प्रगति में सहयोग करें। सेवा भाव को जीवन का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि सेवा के अवसर से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
उपाध्याय भगवंत ने कहा कि परिवार में टीम भावना, त्याग और समर्पण जरूरी है। हर सदस्य को ऐसा जीवन जीना चाहिए, जिसमें किसी से शत्रुता न हो और परिवार निश्चिंतता का कारण बने।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्कारों के बिना परिवार में व्यवस्था संभव नहीं। आचार संहिता और नियम जरूरी हैं। साथ ही केवल शांति व संस्कार पर्याप्त नहीं, प्रगति भी जरूरी है—बुद्धि, भावना और आदर्श जीवन की दिशा में।
सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

