मुख्यमंत्री के कड़े तेवर: लापरवाही पर चला सख्ती का चाबुक, दो बड़े अफसरों पर गिरी गाज
समीक्षा बैठक में मुंगेली और जीपीएम जिले के अफसरों पर हुई सख्त कार्रवाई, योजनाओं की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी
रायपुर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को मुंगेली कलेक्टोरेट में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सुशासन तिहार के तहत शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अफसरों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए दो बड़े अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुंगेली जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने मनियारी और पथरिया जलाशय जैसी वर्षों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि यह लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले का बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है।
‘अब सुशासन में कोई ढिलाई नहीं चलेगी’
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब शासन में शिथिलता और जवाबदेही से बचने का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार पर जो भरोसा जताया है, उसे ठोस कार्रवाई के जरिए और मजबूत किया जाएगा।
‘अफसर ग्रामीण क्षेत्रों का लगातार करें दौरा’
मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित दौरा करें, जिससे प्रशासनिक कसावट के साथ योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन हो सके। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान मिले आवेदनों के त्वरित निराकरण की सराहना की।
गर्मी में पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री साय ने भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने का निर्देश दिया। साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए ठोस कार्य योजना बनाकर उसे सख्ती से लागू करने को कहा। उन्होंने कहा कि कहीं भी बीमारी की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल पहुंचे और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के संचालन पर खास जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल सेवा केंद्र प्रधानमंत्री की गारंटी का हिस्सा हैं और इनका सुचारू संचालन सुनिश्चित करना कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि अगले छह माह में 5000 और केंद्र खोले जाएंगे और अगले वर्ष 24 अप्रैल तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल सेवा केंद्र की स्थापना की जाएगी।
मजदूरी भुगतान में देरी पर नाराजगी, घर पहुंचकर भुगतान का निर्देश
मरवाही वन मंडल में मजदूरी भुगतान लंबित रहने पर मुख्यमंत्री ने सख्त नाराजगी जताई और मजदूरों के घर जाकर तत्काल भुगतान कराने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व प्रकरणों के लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।
तालाब लबालब भरने और सिंचाई योजनाओं की गति तेज करने के निर्देश
बरसात से पहले तालाबों को भरने की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जलागमन स्थलों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनांदगांव की तर्ज पर बिलासपुर और आसपास के जिलों में भी जल संरक्षण के प्रयासों को तेज करने की बात कही।
अचानकमार टाइगर रिजर्व को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी
बैठक में अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रभावित ग्रामों के विस्थापन और पुनर्वास पर प्रस्तुतीकरण भी हुआ। मुख्यमंत्री ने विस्थापितों को विश्वास में लेकर तय समय में प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा और क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
