राजहरा में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान: व्यूव प्वाइंट में लहरा रहा है फटा हुआ तिरंगा



फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। राजहरा नगर पालिका परिषद की लापरवाही के कारण शहर के सप्तगिरी पार्क की पास स्थित व्यूव प्वाइंट में 100 फीट की ऊंचाई पर फटा हुआ तिरंगा लहरा रहा है। पूर्व में भी तिरंगा झंडा तेज हवा के कारण एक हिस्सा फट गया था। पहले भी शहर के लोगो ने इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष और बीएसपी प्रबंधन को सूचित किया लेकिन जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। करीब दो महीने से ऐसी स्थिति निर्मित है लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान ही नही दे रहे है। लेकिन ऐसी घटना शहर के लिए शर्मनाक है वही नगर परिषद के कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि आज भी तिरंगा फटा हुआ लहरा रहा है।

बता दें कि व्यूव प्वाइंट में सौ फीट ऊंचाई पर लहरा रहा तिरंगा झंडा किनारे से दो जगह फट गया है। एक जगह ऊपर से जहा केसरिया और सफेद रंग जुड़ा हुआ है तथा दूसरा सफेद रंग और हरे रंग के बीच में। अब तक इस ओर नगर पालिका और प्रशासन का ध्यान नहीं गया है। इस बारे में बात करने पर इस बारे में बात करने पर गोल मोल जवाब दिया जाता है। जल्द ही नया तिरंगा फहराने की व्यवस्था की जाएगी।

लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा के गौरव एशिया के सबसे बड़े लौह से निर्मित भीष्मपितामह रथ के पास फहरा 100 फ़ीट ऊंचा विशाल तिरंगा। जिसे नगर पालिका द्वारा 2020 निर्माण करवा और रंगरोगन करवा कर रथ का सौन्दर्यकरण किया गया था। जिस पर लाखो रुपए खर्च किए गए थे। जिसे सेल द्वारा लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी दर्ज करवाया गया था। सेल द्वारा निर्मित ये रथ नगर के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। बता दें कि राजहरा युथ वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पालिका अध्यक्ष से भीष्मरथ पे एक स्थाई झंडा के लिए मांग रखी गई थी। जिसके बाद मांग को पूरा करते हुए रथ के समीप ही 100 फीट की ऊंचाई पर ध्वजारोहण किया गया था।
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नियम के मुताबिक फटा हुआ तिरंगा फहराना अपराध है। जबकि अभी इस समय लोक सभा चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है इस स्थिति में ऐसी लापरवाही समझ से परे है। नियम के मुताबिक तिंरगा के फट जाने पर उसे सम्‍मानपूर्वक उतार देना चाहिए। इस लापरवाही के कारण जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार क्या कार्यवाही की जाती है और इस अपराध के लिए दोषियों पर क्या दंडात्मक कार्यवाही की जाती है यह देखना बाकी है। इस घोर लापरवाही पर नगर के गण मान्य नागरिकों का कहना है कि विशाल तिरंगे झंडे को फहराने और उसके देखरेख की जिम्मेदारी जिसकी है उस पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए।

बता दें कि 26 जनवरी 2021 को नगर पालिका अध्यक्ष ने राजहरा में भीष्मपितामह रथ के पास 100 फ़ीट ऊंचा विशाल तिरंगा फहराया था। यह विशाल तिरंगा दूर से ही लोगों को नजर आता है और अपनी ओर आकर्षित करता है। विशालकाय तिरंगे को लहराता देख लोग गौरवान्वित महसूस करते हैं। इस वर्ष फरवरी में ही तिरंगे के फट जाने पर इस झंडे को उतार लिया जाना था। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

नियम के मुताबिक जिला प्रशासन को इस संबंध में पूरी जानकारी रखनी जरूरी है जिसमें पूर्व में फटे, कटे व रंग उड़े हुए राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर नया राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना चाहिए। वहीं ध्यान रखना चाहिए कि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते, इसे जलाते, दूषित करते, कुचलते या नियम के खिलाफ ध्वजारोहण करते हुए पाया जाता है तो उसे तीन साल की जेल या जुर्माना या दोनों दंड के रूप में मिल सकता हैं। किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा नहीं रखा या लगाया जा सकता है। 2002 से पहले राष्ट्रीय ध्वज को आम लोग सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ही फहरा सकते थे, लेकिन 2002 में इंडियन फ्लैग कोड में बदलाव किया गया। जिसके तहत कोई भी नागरिक किसी भी दिन झंडे को फहरा सकता है। झंडा अगर फट जाए या फिर मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से नष्ट करना चाहिए। इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 का होना चाहिए। फटे, कटे व रंग उड़े हुए राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर नया राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना चाहिए। फटे, कटे व रंग उड़े हुए राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान के साथ निस्तारण करना होता है। अगर कोई व्यक्ति नियमानुसार राष्ट्रीय ध्वज निस्तारण नहीं करने में सक्षम नहीं है तो उक्त ध्वज को अपने नजदीक के किसी भी सरकारी कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।

“मैं अभी नया हूं। इस बारे में मुझे जानकारी नही है और तिरंगा झंडा किसने लगाया था मुझे नही मालूम। तिरंगा झंडा फटा हुआ है इसकी जानकारी मुझे नही है।”

रमाकांत साहू,
मुख्य नगर पालिका अधिकारी,
नगर पालिका परिषद, दल्ली राजहरा