नई दिल्ली/रायपुर, 11 मार्च।
बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के किसानों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए केंद्र सरकार से फसलों की खरीद, भंडारण क्षमता और परिवहन व्यवस्था का विस्तृत ब्यौरा मांगा। उन्होंने Food Corporation of India (एफसीआई) द्वारा की जा रही खरीदी, गोदामों की क्षमता और अनाज परिवहन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने की जरूरत बताई।
केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया ने जवाब में बताया कि 1 फरवरी 2026 तक एफसीआई के पास 470.67 लाख टन भंडारण क्षमता है, जिसमें 147.20 लाख टन अपनी और 323.47 लाख टन किराए की है। राज्य एजेंसियों के पास भी 381.92 लाख टन क्षमता उपलब्ध है।
सरकार ने बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 1153.38 हजार टन चावल आवंटित किया गया है। राज्य में धान खरीदी का मूल्य 2020-21 के 13,419.90 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 27,009.44 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि खरीदी 71.08 एलएमटी से बढ़कर 116.42 एलएमटी हो गई।
अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का योगदान राष्ट्रीय खाद्य भंडार के लिए महत्वपूर्ण है और किसानों की उपज की सुरक्षित खरीद, भंडारण व परिवहन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने गोदाम क्षमता बढ़ाने और रेल मार्ग से अनाज परिवहन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
सरकार के अनुसार, देश में आधुनिक भंडारण प्रणाली विकसित करने के लिए पीईजी योजना, साइलो निर्माण और परिसंपत्ति मुद्रीकरण जैसी योजनाओं के जरिए क्षमता बढ़ाई जा रही है।
