सुकमा। बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार की माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना बदलाव की मिसाल बन रही है। सुकमा जिला प्रशासन के प्रयास से आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
लाइवलीहुड कॉलेज में सिलाई, कृषि, ड्राइविंग, राजमिस्त्री जैसे ट्रेड्स में नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अनीता सोड़ी समेत कई महिलाएं अब स्वरोजगार की राह पर हैं। प्रशिक्षण के साथ महिलाओं को सक्षम योजना के तहत ऋण, मशीन और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
अब तक 79 माओवादी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि 42 प्रशिक्षार्थी वर्तमान में पुनर्वास केंद्र में रहकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। योजना ने बस्तर में विश्वास, रोजगार और विकास का नया अध्याय शुरू किया है।
