डोंगरगांव विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों का हुआ भव्य स्वागत, मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

रामपुर (डोंगरगांव), 27 जून 2025 – शासन के निर्देशानुसार डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम रामपुर में शुक्रवार को विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव 2025 का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए हुए मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान से हुई, जिनमें कक्षा 12वीं, 10वीं एवं 8वीं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं, पहली बार स्कूल में कदम रखने वाले कक्षा पहली और छठवीं के नए प्रवेशी बच्चों का पारंपरिक तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया। उन्हें पुस्तकें, गणवेश और अध्ययन सामग्री भी प्रदान की गई।

दिव्यांग बच्चों को मिला विशेष सहयोग

इस अवसर पर दिव्यांगजन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार शैक्षणिक किट वितरित किए गए, ताकि वे भी समान रूप से शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

“नेवता भोज” में बच्चों ने खाई खीर-पूरी, मिला आशीर्वाद

शाला प्रवेश उत्सव को और अधिक आनंददायक बनाने के लिए “नेवता भोज” का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को खीर, पूरी और मिठाई खिलाई गई। इस आत्मीय gesture ने बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला दी और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।

“एक पेड़ मां के नाम 2.0” के अंतर्गत हुआ वृक्षारोपण

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी एक सकारात्मक संदेश दिया गया। “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत विद्यालय परिसर में छायादार और फलदार वृक्षों का रोपण किया गया। सभी उपस्थित जनों ने बड़े होते वृक्षों की तरह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें पोषण और शिक्षा देने का संकल्प लिया।

सम्माननीय अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा

कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमती किरण साहू (उपाध्यक्ष, जिला पंचायत राजनांदगांव), मनीष कुमार साहू (उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत डोंगरगांव), यतीश सिन्हा (सरपंच), द्वारका तारम (ग्राम पटेल), दुधे राम साहू (ग्राम समिति अध्यक्ष) सहित डोंगरगांव विकासखंड के शिक्षा अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

शिक्षा को लेकर संकल्प और सामूहिक सहभागिता

यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक शुरुआत थी, बल्कि पूरे गांव और प्रशासन के बीच शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और सहभागिता का प्रतीक बन गया।