सडक़ निर्माण कार्य में मुस्तैदी के बजाए ठेकेदार के बिल निकालने में व्यस्त रहते हैं अधिकारी

बीते अक्टूबर माह में 1 करोड़ से अधिक के भुगतान पर उठ रहे हैं सवालिया निशान

सडक़ मामले में पासिंग पास गेम खेल रहे हैं राजनीतिक दल
जांच के नाम पर हुई खानापूर्ति ?

डोंगरगांव : नगर के मध्य में निर्माणाधीन साढ़े तीन किलोमीटर सडक़ चौड़ीकरण का कार्य नगरवासियों और राहगीरों के लिए सिरदर्द व जानलेवा हो गया है. हालात यह है कि नवनिर्मित सडक़ में अनेक स्थानों पर गड्डे अब तालाब और डबरी की शक्ल में परिवर्तित होने लगे हैं. जिनमें प्रतिदिन अनेक दुर्घटनाएँ घटित हो रही है. इन गड्डों को लेकर निर्माण कार्य के गुणवत्ता की चर्चा नगरवासियों सहित राजनैतिक हल्कों में है परंतु लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारी इस सडक़ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान देने के बजाए ठेकेदार को समय से पूर्व ही बिल भुगतान कर आर्थिक सहयोग करने में लगे है।

अधूरे काम का पूरा भुगतान ?


बता दें कि सडक़ निर्माण कार्य के प्रारंभ होने के कुछ ही दिनों बाद बीते वर्ष अक्टूबर माह में 1 करोड़ 17 लाख से अधिक की राशि का बिल बनाकर भुगतान कर दिया गया जबकि उक्त अवधि में निर्माण कार्य के नाम पर मात्र कुछ स्थानों पर सडक़ की खुदाई तथा नाममात्र डिवाईडर का निर्माण एवं डब्ल्यूएमएम का कार्य व भी अमानक तथा डीपीआर के नियम निर्देश के विपरीत किए गए. इसका खुलासा बीते समय निकाले गए सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के आधार पर हुआ.

जांच के नाम पर हुई खानापूर्ति ?


यह सडक़ निर्माण कार्य के प्रारंभ से ही विवादों में रही है. क्षेत्र के विधायक दलेश्वर साहू के ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर लगभग दो वर्ष पूर्व शहर के मध्य स्थित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, आवास तथा शासकीय निर्माण कार्य जिसमें यात्री प्रतिक्षालय, सार्वजनिक प्याऊ व अन्य स्ट्रक्चर को बगैर किसी पूर्व सूचना नोटिस के तोड़ दिया गया था. वहीं इस तोडफ़ोड़ के लगभग डेढ़ वर्ष बाद कार्य प्रारंभ हुआ. वहीं निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा घटिया निर्माण लोगों के लिए अब जानलेवा साबित हो रहा है. इसकी शिकायत जब सत्ता पक्ष के धुरंधरों ने कलेक्टर से की तब जांच के लिए चीफ इंजीनियर से लेकर अधिक्षण यंत्री मौके पर पहुंचे थे लेकिन जांच के नाम पर लंच ले उल्टे पांव लौट गए. वहीं इस जांच में क्या पाया और क्या कार्यवाही हुई अब तक शिकायतकर्ताओं को कोई जानकारी नहीं है.
पासिंग पास गेम खेल रहे हैं राजनीतिक दल
जहां यह सडक़ नगरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है वहीं इस मुद्दे को लेकर पक्ष एवं विपक्ष दोनों ही इसे भुनाने में लग गए हैं. बता दें कि बीते कांग्रेस के कार्यकाल में यह कार्य स्वीकृत हुआ था तथा विधायक दलेश्वर साहू ने स्वयं इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताकर ऐन विधानसभा चुनाव के पहले सडक़ निर्माण कार्य को प्रारंभ करवाया था. इस दौरान अनेक मुद्दों पर विपक्षी भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने थे और अब सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय कांग्रेसजन इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने में लगी है और अब संभावित नगर पंचायत चुनाव को देखते हुए दोनों ही दल इस मुद्दे को एक दूसरे को पासिंग पास गेम की भांति खेल रहे हैं जबकि इसका खामियाजा नगर के व्यवसायियों सहित नगरवासी एवं राहगीर भोग रहे हैं.

वर्सन : लोक निर्माण विभाग के एसडीओ हर्षद साहू से चर्चा करने पर उन्होंने इस मामले में कोई भी बयान देने के लिए अधिकृत नहीं होना बताया. इस संबंध में उच्च अधिकारी ही बता पायेंगें.