भानुप्रतापपुर। पूर्व वनमंडल भानुप्रतापपुर के द्वारा जैव विविधता को दर्शाने के लिए नेचर पार्क का निर्माण भी कराया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता से तीन साल बाद भी नेचर पार्क अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है। अब तक तीन वन परिक्षेत्र अधिकारी बदल गए हैं, जिन्होंने बारी बारी से नेचर पार्क निर्माण के बहाने सिर्फ राशि डकारने का काम किया है। अगर अधिकारी निर्माण के प्रति गंभीर होते तो अब तक निर्माण कार्य पूर्ण हो गया होता। अब तक इस नेचर निर्माण में वन विभाग द्वारा लगभग 3 करोड़ रुपए खर्च किया जा चुका है।

पूर्व में रहे रेंजर अशोक वैष्णव के द्वारा पौधा में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है, 100 से 150 रुपए के पौधे को 500 से 1000 से भी अधिक का बिल लगाकर शासकीय राशि को डकार लिया गया है। वर्तमान रेंजर भी नेचर पार्क निर्माण के राशि को डकारने में लगे हुए हैं। पूर्व वनमंडल भानुप्रतापपुर के द्वारा अब लगभग 3 करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर नेचर पार्क बनाया जा रहा हैं।
भानुप्रतापपुर के परिक्षेत्र अधिकारी मोहन नेताम इस सम्बंध में कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं। उन्हें नहीं पता कब तक पूर्ण होंगा, कितने की लागत हैं।
नेचर पार्क पूर्ण होने से आम लोगों को मिलेंगी ये सुविधाएं
वन भूमि पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए वन विभाग द्वारा यहां करोड़ों की लागत लगाकर नेचर पार्क बनाया जा रहा है, जिसका लाभ आम जन को मिलेगा। आगामी दिनों में भानुप्रतापपुर जिला बनने की राह पर है इसलिए यहां ऐसा कुछ आकर्षक का केंद्र होना भी चाहिए। वन मंडल कार्यालय के सामने ही लगभग 10 एकड़ भूमि को इस पार्क के लिए चुना गया है। जहां सेंट्रल पार्क जिसमें अलग-अलग प्रजाति के पौधे जैसे फूल, पाम, बेला आदि लगाए जाएंगे, ओपन जिम, सिटिंग एरिया, जॉगिंग एरिया, पाथवे, एक वॉच टावर, चिन्ड्रन्स प्ले ग्राउंड, योग एरिया, बटर फ्लाई जॉन, एक तालाब जिसमें जलीय जैव विविधता को दर्शाया जाएगा, वहीं पूरे पार्क के किनारे बांस की अलग-अलग 22 प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे साथ ही लोगों के बैठने के लिए कुर्सी, बेंच व टॉयलेट आदि की व्यवस्था भी होगी। मुख्य रूप से इस पार्क में जैव विविधता को दर्शाया जाएगा, जिसके लिए फारेस्ट बाथिंग कंसेप्ट के तहत इसका निर्माण किया जा रहा है। लेकिन जब से नया वन मंडलाधिकारी व नया वन परिक्षेत्र अधिकारी भानुप्रतापपुर में आये हैं तब से निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। पार्क को पूर्ण कर शुभारंभ करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

कुछ भी कहने से बच रहे डीएफओ
मामले में डीएफओ दुलेश्वर प्रसाद साहू भी कुछ नहीं कह रहे हैं। न ही मोबाइल रिसीव कर रहे हैं। दरअसल यह कार्य पूर्व डीएफओ का था। अब उनका स्थानांतरण धमतरी हो गया है।
ये कहा वन परिक्षेत्र अधिकारी ने
भानुप्रतापपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी मोहन नेताम का कहना हैं कि नेकर पार्क निर्माण कार्य प्रगति पर हैं किन्तु वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्य के प्रति गंभीर नज़र नहीं दिख रहे। नेकर पार्क निर्माण कार्य में लगभग कितनी राशि लगीं और कब तक पूर्ण होगी,इसकी जानकारी नहीं है।

