नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग की बैठक में जेसीसीजे ने दिए सुझाव

 

रायपुर/नई दिल्ली (16.01.2023) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज नई दिल्ली में रिमोट वोटिंग पर चर्चा के लिए मान्यता प्राप्त सभी राजनैतिक दलों की मुख्य चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई।

छत्तीसगढ़ के एकमात्र मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता भगवानु नायक ने बताया कि इस बैठक में 8 राष्ट्रीय पार्टियों और 57 स्टेट पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जेसीसीजे की तरफ से पार्टी महासचिव महेश देवांगन ने अपने विचार रखे।

बैठक में महेश देवांगन ने कहा कि निर्वाचन आयोग का हर व्यक्ति को वोट डालने का अधिकार दिलाने के उद्देश्य से माइग्रेंट (प्रवासी) लोगों को रिमोट वोटिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना एक बहुत अच्छी पहल है लेकिन इसके कुछ तकनीकी और लोजिस्टिक्स पहलुओं पर पहले विचार किया जाना जरूरी है।

सर्वप्रथम माइग्रेंट की परिभाषा स्थापित करना और वोटर लिस्ट की तर्ज पर ही माइग्रेंट लोगों का एक डेटाबेस होना जरूरी है जिससे इस सुविधा का दुरुपयोग रोका जा सके। इसके न होने से कोई भी व्यक्ति वोटिंग के दिन छुट्टियां मनाने जाकर स्वयं को माइग्रेंट श्रेणी में रजिस्टर करके रिमोट वोटिंग की सुविधा मांग सकता है।

श्री देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में बहुत से लोग अन्य प्रदेशों में पढ़ाई और नौकरी के लिए जाते हैं। ऐसे में कितनी जगह रिमोट वोटिंग की मशीन उपलब्ध करवाएंगे और वोटिंग के बाद कैसे उन्हें भारत के विभिन्न हिस्सों से सुरक्षित तरीके से छत्तीसगढ़ के स्ट्रांग रूम में मतगणना के लिए भेजेंगे इस समस्या का भी हल पहले निकला जाना जरूरी है।

बैठक में कुछ राजनैतिक दलों ने चुनाव आयोग द्वारा 30 करोड़ माइग्रेंट की संख्या बताए जाने पर आपत्ति की। इस पर श्री देवांगन ने सभी के सामने स्थिति स्पष्ठ की कि निर्वाचन आयोग के नोट में यह कहा गया है कि मतदान का औसत 67% है मतलब लगभग 30 करोड़ पंजीकृत मतदाता अपना वोट नहीं डाल पाते। इन 30 करोड़ लोगों की संख्या में काफी लोग माइग्रेंट हैं।

मतदान प्रतिशत के विषय पर राज्यसभा सदस्य श्री दिग्विजय सिंह और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधि द्वारा उठाई गई बातों का समर्थन करते हुए श्री देवांगन ने कहा कि मतदान का कम प्रतिशत का मुख्य कारण शहरी क्षेत्रों में कम मतदान होना है जबकि उन क्षेत्रों में माइग्रेंट लोगों की संख्या काफी कम है। इसलिए निर्वाचन आयोग को शहरी मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहिए।

ईवीएम के हैक हो सकने के विषय पर श्री देवांगन ने कहा कि सोशल मीडिया में कई बार इस तरह की अफवाहें उड़ाई जाती हैं और फ़र्ज़ी वीडियो भी पोस्ट किये जाते हैं। निर्वाचन आयोग को ऐसे लोगों पर कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।

राजनैतिक दलों द्वारा जारी किए जाने वाले चुनावी घोषणापत्रों पर श्री देवांगन ने निर्वाचन आयोग को सुझाव दिया कि आयोग द्वारा घोषणा पत्र की जगह शपथ पत्र को अनिवार्य किया जाना चाहिए क्योंकि शपथ पत्र देने से पार्टी उसमें किये गए वादों को पूरा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य होती है। इस शपथ पत्र को पार्टी अध्यक्ष या अध्यक्ष द्वारा अधिकृत कोई वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा दिया जाना चाहिए। श्री देवांगन ने आयोग के संज्ञान में लाया कि जेसीसीजे के संस्थापक अध्यक्ष स्व. श्री अजीत जोगी जी ने 2018 के विधानसभा चुनावों में शपथ पत्र दिया था।

महेश देवांगन
महामंत्री, JCCJ