रायपुर । दस वर्ष सात महीने पूर्व हुए झीरम नक्सल हमले की जांच कर रही एनआईए ने 19 वांटेड वारंटियों की गिरफ्तारी से लिए आम लोगों से मदद मांगी है। राष्ट्रीय एजेंसी ने आज इन नक्सलियों की तस्वीर, नाम पते के साथ विज्ञापन जारी कर सूचना देने का आग्रह किया है। समझा जा रहा है कि राज्य में सरकार बदलने के साथ इसकी जांच में और तेजी आएगी।
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार (कांग्रेस) की याचिका पर फैसला दिया था कि मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस कर सकती है। अब बदली राजनीतिक परिस्थितियों में केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें हैं ऐसे में दोनों एजेंसियां एक दूसरे के सहयोग से जांच कर सकेंगी।
25 मई 2013 को हुए इस हमले में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ 33 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले के कुछ चश्मदीदों में एक दौलत रोहड़ा का हाल में निधन हुआ था। एनआईए ने 19 आरोपी नक्सलियों की सूची जारी कर लोगों से उनके संबंध में जानकारी मांगी है। ये सभी नक्सली 50 हजार से लेकर 7 लाख रुपए तक के इनाम वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक रूप से कांग्रेस, भाजपा के बीच बयानबाजी भी होने लगी है। विधानसभा के शपथ सत्र में भी यह मामला गूंजा था।
भाजपा के अजय चंद्राकर ने सीएम विष्णुदेव साय से इस मामले की जांच तेजी से कराने का आग्रह किया था।
एनआईए को इनकी जरूरत तिरुपति उर्फ देवजी उर्फ चेतन उर्फ संजीव उर्फ रमेश उर्फ देवन्ना उर्फ कुमार दादा, पाकाहनुमंत उर्फ गणेश उड़के उर्फ गणेशन्ना उर्फ राजेश तिवारी, जयलाल मंडावी उर्फ गंगा, सोमा सोढ़ी उर्फ सुरेन्द्रर उर्फ माड़वी सीमा उर्फ मडकामी उर्फ मडकामी सोमा, भगत हेमलता उर्फ बदरू, बारसे सुक्का उर्फ देवा उर्फ देवन्ना,कुरसम सन्नी उर्फ कोसी उर्फ लच्छी, बदरू मोडियाम उर्फ मंगतु उर्फ किशन, तेलम आयतु उर्फ आयतु डोडी, मोडियाम रमेश उर्फ लच्छु, कामेश कवासी उर्फ कामेश, कोरसा सन्नी उर्फ सन्नी कोरसम उर्फ सन्नी हेमला, सरिता केकम उर्फ मेंटाकी, सोमी पोटाम उर्फ सोने पोटाम, कोरसा लक्खु उर्फ लक्खु, मंगली कोसा उर्फ मंगली मोडियाम, कुम्मा गोंदे उर्फ गुड्डू उर्फ प्रदीप, सन्नू बेट्टी, और नड्डा मडकामी।
