राजनांदगांव।जिले के डोंगरगांव में गर्मी के मौसम को देखते हुए लोगों को जल बचाने की नसीहत दी जा रही है। जिले के कई क्षेत्रों में अभी से पानी को लेकर संकट गहराने की खबरें आ रही है। इस बीच डोंगरगांव क्षेत्र के धार्मिक स्थल सांकरादाहरा स्थित एनीकट में तटबंध निर्माण कार्य का ठेका लेने वाले ठेकेदार की मनमानी सामने आई है। ठेकेदार द्वारा शिवनाथ नदी से रेत निकालने के लिए एनीकट में जमा पानी को छोड़ दिया, जिससे तीर्थ स्थल सांकरादाहरा में जल संकट गहराने लगा है। ठेकेदार की तानाशाही को लेकर मंदिर समिति और सरपंच सहित आसपास के ग्रामीणों ने ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग अनुविभागीय अधिकारी एवम जिला प्रशासन से की है।

सांकरदाहरा एनीकट से रेत निकालने के नाम पर पानी को खाली कराने की खबर की पड़ताल करने
जब मिडिया कर्मी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान रेत स्थल पर आरआई जया ठाकुर, पटवारी दिनेश्वरी साहू, सिंचाई विभाग की इंजीनियर किरण रामटेके और ठेकेदार के दो सुपरवायजर, कर्मचारी और ग्रामीणों की मौजूदगी में शिवनाथ नदी से रेत की अवैध निकासी को लेकर पूछताछ की जा रही थी। आरआई ठाकुर द्वारा ठेकेदार के लोगों और इंजीनियर किरण रामटेके से एनीकट के पास नदी से रेत निकाले जाने को लेकर आवश्यक दस्तावेज मांगे गए।
जिस पर खुलासा हुआ कि खनिज विभाग से रेत निकासी के लिए अनुमति ही नहीं ली गई है और न ही रायल्टी पर्ची भी नहीं है…
इंजीनियार द्वारा मौके पर जो दस्तावेज पेश किए गए, उनमें सिर्फ 500 मीटर तक लोकल एरिया में रेत उत्खनन किए जाने का उल्लेख था। इस बीच इंजीनियर और आरआई के बीच रेत निकासी को लेकर सवाल-जवाब भी हुए, किंतु इंजीनियर रामटेके संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाई और बात पूरी हुए बगैर ही अपनी कार से वहां से रवाना हो गई। इसके बाद आरआई द्वारा ठेकेदार के लोगों को साफ कहा गया कि जब तक खनिज विभाग का अनुमति पत्र और रायल्टी पर्ची पेश नहीं करोगे, तब तक नदी से रेत नहीं निकालोगे, वरना मुझे डंप रेत की जप्ती के साथ ही आप लोगों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करनी पड़ेगी।

मौके पर बड़ी मात्रा में डंप रेत को आरआई ठाकुर द्वारा तत्काल जप्ती बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी
तभी ठेकेदार के लोगों के द्वारा रेत को जप्ती न करने और सोमवार को खनिज विभाग से अनुमति पत्र व रायल्टी पर्ची पेश करने की बात कही गई, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। आरआई ने उन्हें साफ कह दिया कि इस बीच रेत की चोरी करते पकड़े जाओगे तो ठीक नहीं होगा, मैं फोटो खींचकर और वीडियो बनाकर अपने पास रख रही हूं।
ठेकेदार पर ग्रामीणों ने लगाए रेत चोरी के आरोप
मौके पर देखा कि मंदिर समिति के जर्जर विश्राम गृह के पास बड़ी मात्रा में अच्छी क्वालिटी की रेत को डंप करके रखा गया है। इस बारे में मौके पर मौजूद ग्रामीणों से पता चला कि ठेकेदार के लोगोंं के द्वारा एनीकट से रेत को निकालकर डंप कराकर रखा जाता है। फिर रात में दूसरे लोगों के द्वारा उसी नदी से वाहनो से कई रेत की सप्लाई भी की जा रही है ग्रामीणों का कहना था कि अभी एनीकट के तटबंध निर्माण कार्य के लिए जेसीबी लगाकर सिर्फ लेबल लगाने का काम किया जा रहा है।
रेत और सीमेंट काम शुरू होने में अभी समय है। इसके बावजूद बिना जरूरत के समय से पहले रेत को निकालकर डंप करना गलत है रेत निकालने के लिए न तो मंदिर समिति से अनुमति ली गई है और ना ही ग्राम पंचायत से। इस तरह ठेकेदार के लोग तानाशाही कर रहे हैं। ये लोग न तो मंदिर समिति के लोगों की बात को सुनते हैं और न ही सरपंच की बात को मानते हैं। मौके पर ग्रामीणों ने ठेकेदार के लोगों पर खुलेआम रेत चोरी करने का आरोप लगाए।

कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया
मौके पर पूरे मामले को समझने का प्रयास किया, जिस पर पता चला कि चार-पांच साल पहले शिवनाथ नदी में बाढ़ आने के कारण सांकरदाहरा एनीकट के पास नदी का एक किनारे का हिस्सा पूरी तरह ढह गया था और किनारे में कटाव होने के कारण काफी बड़े क्षेत्र की मिट्टी बाढ़ में बह गई थी। उसी गड्ढे के भराव और तटबंध के निर्माण हेतु शासन द्वारा 2 करोड़ 26 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इस काम का ठेका सिंचाई विभाग के माध्यम से दुर्ग के किसी सीपी सिंह को दिया गया है, किंतु उसके द्वारा इस काम को किसी अन्य को पेटी में देने की बात सामने आई है। इस बारे में मौके पर मौजूद ठेकेदार के लोग ज्यादा कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे और बार-बार ऊपर में भी अपनी पहचान होने का धौंस दिखा रहे थे।
आखिर क्या कहा डोंगरगांव के जिम्मेदार अधिकारी ने
साकरदाहरा में रेत चोरी का मामला मेरे संज्ञान में आया है मैं मौके पर जाकर जांच कर दोषियों के ऊपर कड़ी कार्यवाही ।
सुनील नायक एसडीएम डोंगरगांव
