आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न कलेक्टर दर पर वेतन मिल रहा, न ही मिल रहा नर्सरी शिक्षक के पद पर प्रमोशन…बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में उठाया मुद्दा

 

रायपुर/13/03/2023/ कांग्रेस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लेकर साढ़े 4 साल पहले अपने जन घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादे किए थे। कलेक्टर दर पर वेतन दिए जाने की बात कही थी। परंतु उनके किए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने आज यह मुद्दा उठाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
सदन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को दिए जा रहे लाभ पर चर्चा करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया से पूछा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कलेक्टर दर पर वेतन देने की घोषणा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को नर्सरी शिक्षक के पद पर उन्हें उन्नयन/ पदस्थ करने की घोषणा आत्मसात किए गए जन घोषणा पत्र में की गई थी। उस पर क्या प्रगति हुई? साथ ही उन्होंने प्रदेश में आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक, सुपरवाइजर, कार्यकर्ताओं, सहायिका के रिक्त पदों व भर्ती किए गए पदों की वर्षवार जानकारी मांगी।

अपने जवाब में महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने स्वीकार किया कि जन घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कलेक्टर दर पर मानदेय देने की घोषणा की गई थी। पर यह भी प्रक्रिया में है। नर्सरी शिक्षक के पद में भी अभी तक किसी को प्रमोट नहीं किया गया है यह भी प्रक्रियाधीन है।
श्रीमती भेड़िया ने बताया कि विभाग में पर्यवेक्षक का रिक्त पद 315 है। वर्ष 22-23 में 197 लोगों की भर्ती इस पद में की गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद 2,439 है। 2020-21 में इनके 222 पद, 2021-22 में 481 पद तथा 22-23 में 1,494 पद भरे गए हैं।
इसी प्रकार आंगनवाड़ी सहायिका का वर्तमान रिक्त पद 3,244 है वर्ष 20-21 में 280, वर्ष 21-22 में 682, वर्ष 22-23 में 2,208 पदों की भर्ती की गई है।
इस इस विषय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने जन घोषणा पत्र में जितने भी वादे किए हैं उनमें से एक भी वादे पूरे नहीं कर रहे हैं। यह सरकार केवल घोषणा वीर है। जनता से वादा करके भूल जाने वाली सरकार हैं।