रायपुर। पिछले एक माह के भीतर एक के बाद एक हुए भाजपा के 4 आदिवासी नेताओं की हत्या के विरोध में भाजपा द्वारा आज प्रदेशव्यापी विशाल चक्काजाम किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी हिस्सा लिया।

इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि आज का ये चक्का जाम निश्चित रूप से भूपेश को संदेश के लिए है। उनको लगता है कि इस प्रकार की घटनाएं छत्तीसगढ़ में होती रहेगी तो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता घर मे बैठ जायेंगे लेकिन आज सड़कों पर जो दिखाई दे रहा है रहा है यह भय नहीं बल्कि अपने नेताओं को खोने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश है।

साथ ही उन्होंने इस आन्दोलन के बारे में चर्चा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की पंकितयां दोहराते हुए कहा कि
“हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ठानूँगा”
“काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूँ”
“गीत नया गाता हूँ”।
इसके अलवा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हम संघर्ष के लिए बने हुए हैं।भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने हर परिस्थिति को देखा है। आपातकाल को भी देखा है आज के आतंक के इस दौर को भी देख रहे हैं। इससे कार्यकर्ता झुकने वाले नहीं।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराध की चर्चा करते हुए कहा कि भूपेश बघेल सुधर जाओ। आज छत्तीसगढ़ में कोयले, रेत की दलाली और शराब माफिया सक्रिय हैं। चारों ओर हत्या, लूट-बलात्कार, IPL में निलामी की तर्ज पर अधिकारियों की पोस्टिंग शर्म की बात है।
भाजपा कार्यकर्ताओं व जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थिति से जनता वाकिफ़ है।
इस तरह के वातावरण को दूर करने के लिए एकजुट होते हुए ये सत्ता को जड़ से उखाड़ने की बात कही। कार्यकर्ता की शहादत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा। ये सतत संघर्ष जारी रहेगा।
