रायपुर, छत्तीसगढ़, दिनांक 1 फरवरी 2023। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने केंद्र शासित मोदी सरकार -2 के अंतिम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा वर्ष 2023 के केंद्रीय बजट पर देश के गरीब, मजदूर, महिलाएं, युवावर्ग विशेष कर किसानों को काफी उम्मीदें थी लेकिन बजट आने के बाद उनके हाथ निराशा लगी। उन्होंने कहा केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई, एक तरफ तो प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने मोटा अनाज कोदो, कुटकी, रागी जैसे फसल को बढ़ावा देने की बात करते है, मिलेट मिशन चलने की बात करते है और मन की बात में छत्तीसगढ़ के मिलेट कैफे की प्रशंसा करते है वही दूसरी तरफ मिलेट की खरीदी के समर्थन मूल्य का बजट में कोई प्रावधान नहीं करते है। किसानों के द्वारा देश की राजधानी दिल्ली में MSP के गारंटी कानून पर एक साल तक एतिहासिक आंदोलन के बाद भी समर्थन मूल्य के गारंटी कानून पर सरकार ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने कहा भाजपा देश में महंगाई और बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बनाकर केंद्र में सरकार बनाई परंतु भाजपा राज में दोनो समस्या जस की तस है बल्कि महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है जिससे भाजपा के कथनी और करनी में स्पष्ट रूप से अंतर दर्शित होता है। उन्होंने कहा केंद्रीय मंत्री सीतारमण जी ने फिर वही पुराने दावे और वादे के साथ वर्ष 2023 का पेश किया जो आंकड़ों की एक बाजीगरी है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात की थी, प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार उपलब्ध करने की बात हुई थी जिसमे कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई । देश को 2022 तक झुग्गी मुक्त करने का वादा किया गया था पर छत्तीसगढ़ के सात लाख ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले प्रधानमंत्री वास को वापस ले लिया गया जिसके लिए दोनों राष्ट्रीय दल जिम्मेदार है। इस प्रकार इस बजट में देश के गांव, गरीब, ग्रामीण, मजदूर, किसान, युवा बेरोजगार, महिलाओं के लिए कुछ विशेष नहीं है।
अधिवक्ता भगवानू नायक
(मुख्य प्रवक्ता)
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)
