सपनों जैसा सच: कदेर गांव में नल से बहता जीवन

रायपुर।’मैं देख नहीं सकती… पर जब नल से पानी गिरने की आवाज सुनती हूं तो मन को बड़ा सुकून मिलता है।” ये भावनाएं हैं नारायणपुर जिले के सुदूर कदेर गांव की नेत्रहीन कोसी बाई की, जिनके घर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पहली बार नल से पानी पहुंचा है। कोसी बाई और उनके दिव्यांग पति मुरा राम नुरूटी के लिए यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि सपने के सच होने जैसा अनुभव है।

कभी मुरा राम को रोज झरिया से कांवड़ में पानी लाना पड़ता था, जो उनके लिए एक कठिन और थकाऊ कार्य था। परिवार में चार लोग हैं और रोजमर्रा की जल जरूरतें पूरी करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन अब जब घर के आंगन में ही नल से शुद्ध जल मिल रहा है, तो उनकी जिंदगी में राहत और खुशी की नई लहर आई है। मुरा राम भावुक होकर कहते हैं, “अब खुद के घर में नल से पानी गिरते देखता हूं तो दिल खुश हो जाता है।”

बस्तर अंचल के इस छोटे से गांव में जल जीवन मिशन के तहत तीन सोलर टंकियां बनाई गई हैं और 4700 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर हर घर तक जल पहुंचाया गया है। अब गांव के हर परिवार को शुद्ध पेयजल घर बैठे मिल रहा है।

कदेर की कहानी इस बात की मिसाल है कि जब योजनाएं सही तरीके से धरातल पर उतरती हैं, तो आमजन का जीवन वाकई बदलता है। जल जीवन मिशन ने केवल पानी नहीं, बल्कि सम्मान, सहूलियत और सुकून पहुंचाया है – एक सपने को सच कर दिखाया है।