ठेकेदार एवं प्रशासन की भारी अनदेखी धूल से है डोंगरगांव की जनता त्रस्त?

सत्ता परिवर्तन होने के बाद भी भाजपा इस ठेकेदार पर नहीं करवापाई कोई कार्यवाही?

डोगरगांव : डोंगरगांव फोरलेन निर्माण शुरू से विवादों में रहा है गुणवत्ताहीन निर्माण हो या दुर्घटना की बात हो आम जनता के लिए सर दर्द बन गया है यह सड़क चौड़ीकरण स्थानीय विधायक दलेश्वर साहू का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है वही फोर लेन बना रहे ठेकेदार की कार्य के प्रति लापरवाही और गुणवत्ताहीन आम जनता त्रस्त हैं कई बार इस संबंध में अधिकारी को शिकायत जा चुकी है किंतु अभी तक ठेकेदार ऊपर शिकंजा नहीं कर पाई है भ्रष्टाचार में डुबे ठेकेदार एवं लापरवाह इंजीनियर की करतूत लगातार सामने आ रही है नियमों को तक में रखकर रोड चौड़ीकरण का निर्माण हो रहा है।

प्रशासन रोड चौड़ीकरण में नहीं ले रही है कोई सुध

कुछ महापूर्वा सड़क चौड़ीकरण में पानी उपयोग के लिए सड़क किनारे बने नाले में पंप के माध्यम से पानी खींचा जा रहा था जिसमें अचानक करंट आ गया था पानी में करंट आने से बहुत सारे सांप मछली और मेंढक मर गए थे गरीमत रही की कोई बड़ा दुर्घटना नहीं हुई जब से सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ है तब से हादसे पर हादसे हो रही है उसके बाद भी प्रशासन आखिरकार किसके दबाव में आकर इस ठेकेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं करते

धूल से परेशान दुकानदार
धूल से राहगीर तो परेशान है ही दुकानदार भी धूल से हताश हो गए हैं l कई दुकानदार तो धूल से परेशान होकर दुकान ही नहीं खोल रहे हैं

गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
डिवाइडर बनने के बाद किसी प्रकार का संकेतक नहीं होने के कारण आये दिन राहगीर डिवाइडर से टकराकर घायल हो रहे है l डिवाइडर बनने के साथ ही जगह जगह टूट रहे l ऐसे में काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं l


15 करोड़ 43 लाख के लागत से हो रहे इस सडक़ चौड़ीकरण में सभी नियमों को ताक में रखकर न ड्रेनेज सिस्टम का कोई प्लानिंग किया गया है, न विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य प्रारंभ किया गया है. इसके साथ ही सडक़ के नीचे से गुजरने वाली पाईप लाईन को लेकर भी अब तक कोई भी विभाग गंभीर नहीं है. एक बार फिर से गर्मी सीजन प्रारंभ हो रहा है और पेयजल को लेकर शहरवासी परेशान होंगें. ठेकेदार की लापरवाही के चलते बगैर किसी प्लानिंग और पाईप शिफ्टिंग के सडक़ के दोनों ओर खुदाई से पाईप लाईन टूट रही है, जिसे मजबूरी में सही नगर प्रशासन सुधार कार्य करवा रही है. इसके पूर्व शहर के भीतर चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय नागरिकों का आक्रोश फूटा था और काफी मान-मनौव्वल के बाद कार्य प्रारंभ हो सका था किन्तु अत्यंत धीमे गति से चल रहे इस कार्य से लगभग सभी परेशान हैं. बावजूद इसके ठेकेदार से कार्य की गति को तेज करने अब तक कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं है.
अनेक स्थलों में खुदाई के बाद पटाव नहीं होने से सडक़ में राहगीर अपना संतुलन खो रहे हैं, वहीं निर्माण को लेकर भी विभाग की ओर ऊंगली उठ रही है. सडक़ चौड़ीकरण कार्य प्रारंभ होने से लेकर अब तक अनेक प्रश्रचिन्ह हैं, जिसमें सडक़ किनारे अतिक्रमण हटाने व तोडफ़ोड़ के बाद नाली और बिजली पोल व ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग कार्य प्रारंभ नहीं किया गया. सबसे बड़ा विषय शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाये गए पाईप लाईन लगातार टूट रही थी और इसे अब तक सडक़ के नीचे से नहीं हटाया गया है. जल आवर्धन योजना के अंतर्गत डाली गई पाईपों के संबंध में इस परियोजना में विचार ही नहीं किया गया है जो कि आने वाले समय में बड़ी बाधा बनेगी और फिर से पाईप लाईन सुधारने रोड तोड़ा जायेगा और रोड बनने के बाद पाईप लाईन टूटेगी.
धूल से परेशान शहरवासियों की मांग है कि अब तक सडक़ चौड़ीकरण में शीघ्र ही डामरीकरण किया जाना चाहिए ताकि वाहनों के चलने से उठने वाला धूल के गुबार से मुक्ति मिल सके. इसके साथ ही नाली या ड्रेनेज सिस्टम पर भी कार्य प्रारंभ किया जाना चाहिए ताकि बारिश के पूर्व कार्य सम्पन्न किया जा सके. विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य भी शीघ्रता से किया जाना चाहिए ताकि शहर के भीतर का कार्य बगैर किसी परेशानी के किया जा सके लेकिन अब तक ठेकेदार की मनमानी और विभाग की अनदेखी के चलते लगता नहीं कि शहरवासियों को इस सडक़ चौड़ीकरण से जल्दी छुटकारा मिलेगा. शहर के लोगों का मानना है कि एसी बंद गाडिय़ों में चलने वाले अधिकारी शहरवासियों के साथ सडक़ के एक छोर से दूसरी छोर तक एक बार दुपहिया वाहन या पैदल चलकर ही शहरवासियों और राहगीरों का दर्द समझ सकते हैं

हर्षद साहू, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी विभाग राजनांदगांव

शीघ्र डामरीकरण के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है और धूल के लिए सडक़ में पानी छिडक़ाव के लिए कहा गया था किन्तु होली के चलते वर्कर व ड्रायवर नहीं आ पा रहे थे. अप्रैल माह के भीतर ठेकेदार का
डामरीकरण के लिए कहा गया. बिजली पोल शिफ्टिंग के लिए भी टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुका है और स्थल निरीक्षण भी किया जा चुका हैै. सडक़ के नीचे बगैर विभागीय इजाजत के बिछाये गए पाईप लाईन को लेकर पीएचई विभाग कहा गया है और पुरानी पाईप लाईन को लेकर नगर पंचायत से चर्चा की गई है, शीघ्र ही इस पर भी कार्य संभावित है