
अम्बागढ चौकी – प्राथमिक शाला सिरलगढ़ एवं आश्रम शाला बुटाकसा संकुल बुटाकसा विकास खंड जिला मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी के छात्रा-छात्राएं पाटेश्वरधाम , खरखरा जलाशय का शैक्षिक भ्रमण किए।शैक्षिक भ्रमण का शिक्षा के क्षेत्र में अपना विशेष महत्व है। नीलकंठ कोमरे ने बताए की शैक्षिक भ्रमण से हम प्रकृति की सुन्दरता से रू-ब-रू होते हैं। मानव की सुन्दर कलाकृतियों से परिचित होते हैं, साथ ही साथ कुदरत की कुछ रहस्यों से भी परिचित होते हैं जिसमें हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है । पाटेश्वरधाम बालोद जिला के डौंडीलोहारा ब्लॉक मुख्यालय से 21 किमी दूर पाटेश्वर धाम है। यहां प्रदेश का 108 फीट मंदिर का निर्माण 29 जनवरी 2005 से चल रहा है। मंदिर में राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के लाल रंग के पत्थर का उपयोग हो रहा है। संत रामबालक दास महात्यागी ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य में 25 करोड़ खर्च आएगी। अब तक आठ करोड़ रुपए से अधिक खर्च किया जा चुका है। प्रथम तल का निर्माण पूर्ण होने के बाद दूसरे चरण का काम चल रहा है। मंदिर में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति है।मंदिर में 108 मूर्तियां लगाई जाएंगी, 44 लग चुकीं: मंदिर के अंदर दिवारों में अष्टवस्तु, पंचकन्या, यक्षगंधर्व, आपको 108 हिंदू देवी-देवताओं के मूर्तियां देखने को मिलेंगी। अब तक प्रथम तल में 44 मूर्ति लगाई जा चुकी है। जिसमें सर्व समाज के अलावा देश के हिंदू धर्म गुरुओं की मूर्तियां। मंदिर में उद्भुत तो यह होगा कि प्रवेश द्वार में 51 किलो की घंटी और अंदर अफसरा हवा में लटकी हुई मिलेगी। यह किसी के सहारे पर नहीं टिकी होगी।यह नजारा डौंडीलोहारा ब्लॉक के प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण जामड़ी पाटेश्वर धाम का है, जहां नए साल के पहले दिन 416 सीढ़ी चढ़कर मूर्तियों का दीदार करने लोग सुबह से शाम तक पहुंचते रहे। कई लोग परिवार के सदस्यों व दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे। यहां भगवान श्री राम, माता जानकी, शंकर सहित मूर्तियां आकर्षण का केंद्र है।खरखरा जलाशय बालोद जिले में खरखरा नदी पर स्थित पुर्णतः मिट्टी से निर्मित जलाशय है। इसकी लाम्बई लगभग 1128 मीटर है। यह एक सायफन परियोजना है, इसका निर्माण 1967 में किया गया था।हरियाली से भरा बेहतरीन नजारा निर्माण व क्षमता :- वर्ष 1964-66 अविभाजित मध्यप्रदेश शासनकाल मे बने डौंडीलोहारा विकासखण्ड के खरखरा बांध जिसका जलग्रह क्षेत्र 371.66 वर्ग किलोमीटर लम्बाई 1440 मीटर 105 ग्रामो को जल से लाभान्वित करने वाली व 6 नहरों को जल प्रदाय करने वाली इस बड़े जल परियोजना से भिलाई स्टील प्लांट को पानी सप्लाई होता है। साथ ही साथ भिलाई व दुर्ग नगर निगम के बड़े क्षेत्रो में भी पेयजल हेतु इसका उपयोग किया जा रहा है। वही कई तालाबो में निस्तार हेतु पानी भी दिया जा रहा है।शैक्षिक भ्रमण में नीलकंठ कोमरे, योगेंद्र कुमार देवांगन, संतोषी भुआर्य, दीपक कुम्भज, शाला प्रबंध समिति अध्यक्ष चंद्रकुमार सिन्हा, पीताम्बर चंद्रवंशी,एंजल ,प्रवीण, समर,कनिका,डेविड,प्रदीप,अभिषेक, काव्या,निधि,वासनिक,प्रांजल,शाला के समस्त बच्चे के खूब मजा किए एवं आनंद के अनुभूतियां प्राप्त किए।

