राजनांदगांव। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ जनजागरूकता भी जरूरी है। युवाओं को नशे से बचाने में परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की अहम भूमिका है। यह बात एनसीबी अधीक्षक अनिल कुमार ने पीआईबी रायपुर के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प’ अभियान के तहत आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि नशे की आपूर्ति रोकने के साथ उसकी मांग कम करना भी जरूरी है। इसके लिए प्रवर्तन कार्रवाई के साथ जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मीडिया अपनी व्यापक पहुंच का उपयोग नशे के स्वास्थ्य, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाने में करे।
पत्रकार प्रियंका कौशल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को जनआंदोलन बनाने के लिए पत्रकारिता को जनजागरण से जोड़ना होगा। नशे के सामाजिक कारणों और इससे प्रभावित परिवारों की वास्तविक कहानियों को सामने लाकर व्यवहार परिवर्तन का माहौल बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में संपादक सुशील कोठारी, दीपक बुद्धदेव और दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. शंकर मुनि राय सहित अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। सभी ने नशामुक्त समाज के लिए सरकारी प्रयासों के साथ मीडिया, परिवार और समाज की साझी भागीदारी पर जोर दिया।

