➡️ शासकीय योजना के तहत स्कूली छात्रा के कैटरेक्ट का सफल ऑपरेशन
डोंगरगाँव
चॉकलेट बांटने वाले डॉक्टर के रूप में प्रसिद्धि पा चुके गैंदाटोला क्षेत्र के सरकारी डॉक्टर मुकेश कुमार साहू ने न जाने कितने विद्यार्थियों के जीवन में रोशनी जागई है। इसी कड़ी में उन्होंने सातवीं की छात्रा वेदिका सेन के मोतियाबिंद का सफल शल्य कराकर उनके जीवन को प्रकाश से भर दिया है इसके लिए उन्हें उनके परिजनों सहित स्कूल स्टाफ ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
ज्ञात हो कि सेवा परमो धर्म: अर्थात सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब कोई व्यक्ति सेवा करने की ठान ले तो वह तन मन और धन से सेवा कार्य में लग जाता है। बिना किसी दिखावे के सरलता से अपने काम को करता जाता है। और फल की इच्छा बिल्कुल भी नहीं करता। ठीक इसी भाव को चरितार्थ कर रहे हैं एक डॉक्टर जो वनांचल में सेवा दे रहे हैं। जो अपनी सेवा से लोगों के दिलों में खास और अमिट पहचान बन चुके हैं। जिसे लोग “चॉकलेट वाले डॉक्टर” “स्कूल वाले डॉक्टर”,”आँखी वाले डॉक्टर”, ” चश्मा वाले डॉक्टर” के नाम से जानते हैं। एक व्यक्ति को उनके क्षेत्र की जनता इतने सारे नाम से पुकारे तो समझ में आता है कि उनकी सेवा और उनकी लोकप्रियता शिखर पर है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गैंदाटोला के नेत्र सहायक अधिकारी मुकेश कुमार साहू अपनी उत्कृष्ट सेवा गतिविधियों की वजह से दूर-दूर तक प्रसिद्धि पा चुके हैं। पिछले वर्ष दो स्कूली बच्चों के आंख का ऑपरेशन करा कर इनको पहचान मिली थी। उनके कार्य करने का तरीका इतना तेज और सटीक है कि इन्होंने इस बार अपने पहले ही स्कूल में एक बच्चे का मोतियाबिंद पहचान कर उनको तुरंत दूसरे दिन ऑपरेशन करा कर उनकी जिंदगी को रोशनी से भर दिया। ऐसा काम के प्रति सेवा,त्याग और समर्पण का भाव शायद ही इस कलयुग में देखा जाता है। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अल्पदृस्टि और अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत नेत्र जांच और चश्मा जांच प्रतिवर्ष शिक्षा विभाग में शासकीय मिडिल स्कूल 6वीं, 7वीं, 8वीं के बच्चों का किया जाता हैं। यह राज्य सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रम है,जिसे “शालेय नेत्र स्वास्थ्य परीक्षण” कहा जाता है। जो कि पूरे राज्य की हर जिले में हर ब्लॉक में चलाया जाता है। शालेय नेत्र स्वास्थ्य परीक्षण शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गैंदाटोला में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। मामला है छोटी बच्ची 7वीं कक्षा की वेदिका पिता अरुण सेन निवासी गैंदाटोला की। आंख जांच के दौरान एक आँख से बच्चे को पढ़ने देखने में असुविधा हो रही थी। जांच आगे बढ़ने पर एक आंख में मोतियाबिंद पाया गया। जबकि दूसरे आंख का मोतियाबिंद का ऑपरेशन पिछले वर्ष 21 सितंबर 2024 को मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल राजनांदगांव में मुकेश कुमार साहू के द्वारा ही कराया जा चुका हैं। मामला की गंभीरता को देखते हुए मुकेश कुमार साहू नेत्र सहायक अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गैंदाटोला द्वारा उसे तुरंत ऑपरेशन के लिए मेडिकल कॉलेज एवं एवं हॉस्पिटल राजनांदगांव में एडमिट कराया गया। जहां उनका 3 जुलाई 2025 को मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। सूचना मिलने तक छोटी बच्ची वेदिका सेन ठीक है और उनका ऑपरेशन सफल रहा हैं। इस घटना की चर्चा पुरे गैंदाटोला, छुरिया क्षेत्र में हो रहा है। लोग स्वास्थ्य विभाग के इस कार्य की सराहना कर रहे है। खास करके मुकेश कुमार साहू नेत्र सहायक अधिकारी की काम के लोग मुरीद हो गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गैंदाटोला अस्पताल की भी आँख की ओपीडी पहले से तीन गुनी हो गई है। अपने प्रत्येक मरीज को पहले चॉकलेट देते हैं फिर उनका जांच और उपचार करते हैं। चॉकलेट देकर उपचार करने का यह तरीका मरीजों को बहुत पसंद आ रहा है।
बॉक्स
मुकेश कुमार साहू ने समर्पित भाव से कर्तव्यों का निर्वाह किया है वह निश्चित ही प्रशंसनीय है और अपने अच्छे कर्मों की वजह से प्रसिद्ध भी पा चुके हैं विभाग के अन्य नेत्र सहायक अधिकारीयों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
डॉ. नेतराम नवरत्न
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनंदगांव छत्तीसगढ़
बॉक्स
वेदिका सेन एक बहादुर बच्ची है।मैं बहुत खुश हूं की बच्ची की दोनों आँखे पूरी तरह ठीक हैं। एक शासकीय सेवक के रूप में शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचाना ही मेरा काम है। जिसे पूरी ईमानदारी से कर रहा हूं।

