रायपुर, । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में भाग लिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, जहां प्रभु श्रीराम ने वनवास का समय बिताया और जो माता कौशल्या की जन्मभूमि है, वहां वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन होना गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समाज सनातन धर्म की रक्षा में हमेशा अग्रणी रहा है। दान, धर्म और प्रशासन में इसकी उल्लेखनीय भूमिका रही है। उन्होंने राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत को त्याग और सेवा का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में वैष्णव समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वैष्णव समाज को दूरदर्शी बताया और राजनांदगांव के राजपरिवार के योगदान को याद किया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने समाज को सनातन धर्म का ध्वजवाहक बताया।
इस अवसर पर कई विशिष्टजन और समाजसेवी भी मौजूद रहे।
