छोटी मछलियों को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रहा प्रशासन – अभिमन्यु उदय मिश्रा

असली संरक्षणकर्ताओं के नाम उजागर हों

राजनांदगांव । धर्मनगरी डोंगरगढ़ में अवैध शराब के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस द्वारा कोचियों व तस्करों की गिरफ्तारी की गई है पहले आठ और फिर तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है लेकिन यह सारी छोटी मछलियां हैं जो अकेले अपने बलबूते इतने बड़े अवैध काम को अंजाम देने सक्षम नहीं हैं जिस स्तर का कांड सामने आ रहा है मौके पर 432 पेटी 28 लाख की शराब मिली है साथ ही बड़ी मात्रा में छत्तीसगढ़ आबकारी के हॉलमार्क व स्टीकर भी मिले हैं और यह भी पता लगा है कि पहले भी पांच बार बड़े खेप वहां पहुंच चुके हैं, इतने बड़े बड़े खेप शराब के कब व कैसे पहुंचे सरकारी हॉलमार्क स्टीकर इन तक कैसे पहुंचे ये सब बड़े सवाल हैं और साथ ही इससे यह भी साफ है कि यह सब प्यादे मात्र हैं इनके आका पर्दे के पीछे हैं आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल फूल रहा था इन सारे सवालों के जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं हैं साथ ही अबतक एक भी वाहन जब्त नहीं किया गया है ।
इनमें से कई सवालों के जवाब तो पकड़े गए आरोपी ही पुलिस को दे सकने में सक्षम हैं लेकिन फिर भी उनके नाम सामने न आने से संदेह उत्पन्न होता है कि पुलिस प्रशासन के ऊपर किसी तरह का दबाव है व सत्ताधारी पार्टी से संबंध रखने वाले लोग ही इन सब के पीछे के मुख्य संरक्षणकर्ता हैं जिनके नाम सामने लाने से पुलिस हिचकिचा रही है इसलिए प्रशासन केवल छोटी मछलियों को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रहा है किंतु असली संरक्षणकर्ता जब तक सामने नहीं आते तब तक यह सब रोका नहीं जा सकता नए कोचियों के माध्यम से फिर से वही काम वे लोग करेंगे और यह मामला भी थोड़े समय में ठंडे बस्ते में चला जाएगा जो कि जनता के साथ धोखा होगा ।