पंजीयन विभाग में अब विजिलेंस सिस्टम,मंत्री चौधरी ने किए हस्ताक्षर

रायपुर । गुड गवर्नेस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विभागों में अब विजिलेंस सिस्टम
लागू करने जा रही है। पंजीयन यानी जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला विजिलेंस वाला विभाग बनने जा रहा है।
पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने विजिलेंस की फाइल पर दस्तखत कर दिया। याने अब राजपत्र में इसे प्रकाशित होना बाकी है। राजपत्र में प्रकाशित होते ही पंजीयन विभाग में विजिलेंस सेल गठित करने का आदेश आजकल में जारी हो जाएगा। छत्तीसगढ़ का पहला विभाग छत्तीसगढ़ का पंजीयन पहला विभाग बन गया है, जहां विजिलेंस सिस्टम लागू होने जा रहा है। हो सकता है, आगे चलकर बाकी बड़े विभागों में इसे शुरू किया जाए। वैसे भारत सरकार के सभी विभागों में विजिलेंस होता है। उसे दूसरे विभागों से नियुक्त किया जाता है। ताकि, सही ढंग से वित्तीय मामलों की निगरानी कर सके। अब देखना है कि छत्तीसगढ़ के पंजीयन विभाग में विजिलेंस लागू होने जा रहा है उसमें पोस्टिंग के लिए क्या मापदंड बनाए गए हैं। क्योंकि, अगर विभाग के अफसरों को ही विजिलेंस में पोस्ट कर दिया गया तो फिर विजिलेंस सेल बनाने का कोई मतलब नहीं होगा।

कायदे से राज्य प्रशासनिक सेवा के किसी ठीकठाक अफसर को विजिलेंस में पोस्ट किया जाना चाहिए। वैसे भी राज्य में अधिकारियों की छत्तीसगढ़ में कोई कमी नहीं है। छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में विष्णुदेव साथ सरकार की यह बड़ी उपलब्धि होगी। अभी केंद्र के अताने सिर्फ महाराष्ट्र और कर्नाटक में विजिलेंस है। अब इनमें छत्तीसगढ़ का नाम जुड़ गया। छत्तीसगढ़ में जिस तरह भ्रष्टाचार बढ़ा है, उससे कई विभागों में आवश्यक हो गया है कि कोई निगरानी सिस्टम बनाया जाए। वरना सारे सुशासन के सारे प्रयास बेकार साबित होंगे। क्योंकि विभागों में बिना इंटरेस्ट के कोई भी फाइलें खिसकती नहीं। यदि कोई विशेष दिलचस्पी नहीं तो फिर बड़ी संख्या में फाइलें पेंडिंग हो जाती हैं।