रायपुर/नई दिल्ली। दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में मंगलवार को नये संसद भवन को बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने के लिए गोलमेज़ कांफ्रेंस का आयोजन रखा गया।
कार्यक्रम पूर्व आईआरएस अधिकारी और पूर्व सांसद डॉ उदित राज ने रखा। इसमें प्रमुख रूप से हिंदुस्तान आज़ाद पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतेन राम माँझी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सेलजा और भक्त चरण दास, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माँझी, बहुजन समाज पार्टी के सांसद श्याम सिंह यादव, छत्तीसगढ़ के जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी, राजस्थान के वरिष्ठ विधायक राम नारायण मीना, पंजाब की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के अध्यक्ष राजपाल सैनी और तेलेंगाना के वरिष्ठ नेता रवि मल्लू ने अपने विचार रखे।
इस उपलक्ष्य में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की तरफ़ से पार्टी अध्यक्ष अमित अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के आगामी बजट सत्र में पार्टी की ओर से विधान सभा में अशासकीय संकल्प लाने की बात कही और अन्य राज्यों से आये प्रतिनिधियों को भी ऐसा करने का सुझाव दिया। साथ ही, 14 अप्रैल 2022 को अंबेडकर जयंती में देश भर में इस माँग को ज़मीनी स्तर से पुरज़ोर तरीक़े से उठाने की बात कही।
गोलमेज़ कांफ्रेंस में अमित जोगी ने कहा कि डॉ बाबा साहब अंबेडकर एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं। वो केवल संविधान के निर्माता नहीं बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण के विधाता भी हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां आप और हम बाबा साहब की विचारधारा को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं विरोधी इसे रोक रहे हैं। और पूरे समाज में भ्रम फैला रहे हैं।
अमित जोगी ने कहा कि हम सबको इस भ्रम को मिटाना होगा कि बाबा साहब अंबेडकर केवल किसी एक समाज या एक वर्ग के ही हैं। या बाबा साहब केवल एक समाज की ही आवाज़ हैं। ये सोच उन लोगों द्वारा बोई गई है जो नही चाहते कि बाबा साहब की समाज सुधार और सामाजिक समानता की विचारधारा जन जन तक पहुँचे। और इसलिये, हम सभी को सुनिश्चित करना होगा कि आदरणीय बाबा साहब का नाम, काम, आचार- विचार और विजन समाज के हर जाति और हर वर्ग तक पहुँचे। *हमारा उद्देश्य यह स्थापित करना है कि जिस देश में गांधी ‘महात्मा’ हैं, उस देश में अंबेडकर सर्वसमाज की आत्मा हैं।*
जोगी ने आगे कहा कि क्यों नये संसद भवन का नाम “डॉ बाबा साहब अंबेडकर के नाम होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने चार तर्क गिनाए।
– देश के संविधान के विधाता का देश के संविधान के सबसे बड़े मंदिर में सर्वोच्च स्थान होना चाहिए। *नए संसद भवन का नाम डॉ बाबा साहब अंबेडकर …होना चाहिए।*
– लोकतंत्र में लोकतंत्र के नायक का सम्मान होना चाहिये। *नए संसद भवन का नाम डॉ बाबा साहब अंबेडकर …होना चाहिए।*
– देश के गरीब, पिछड़े, वंचित लोगों की भावनाओं का मान होना चाहिये। *नए संसद भवन का नाम डॉ बाबा साहब अंबेडकर …होना चाहिए।*
– देश की भावी पीढ़ी को सामाजिक सशक्तिकरण का ज्ञान होना चाहिए। *नए संसद भवन का नाम डॉ बाबा साहब अंबेडकर …होना चाहिए।*
अमित जोगी ने डॉ उदित राज को सफल आयोजन की बधाई दी और उम्मीद जताई कि देश के सभी दल इस माँग का समर्थन करेंगे और अपनी दलगत निष्ठाओं से ऊपर उठाकर इसे जनता तक पहुँचायेंगे।
