181 माटीशिल्पियों को मिले विद्युत चाक, 543 लोगों को मिलेगा रोजगार

रायपुर। छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड की कुम्भकार टेराकोटा योजना के तहत प्रदेश के छह जिलों के 181 माटीशिल्पियों को निशुल्क विद्युत चाक वितरित किए गए। बोर्ड अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त शंभूनाथ चक्रवर्ती ने 18 अक्टूबर को रायपुर और 22 अक्टूबर को महासमुंद में आयोजित कार्यक्रमों में हितग्राहियों को विद्युत चाक प्रदान किए।

चक्रवर्ती ने कहा कि विद्युत चाक मिलने से माटीशिल्पियों का श्रम और समय बचेगा तथा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एक विद्युत चाक से औसतन तीन लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इस लिहाज से 181 विद्युत चाकों से 543 लोगों को स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

रायपुर में 92, महासमुंद में 89 हितग्राही

रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर के 52, बेमेतरा के 36, कबीरधाम के 3 और दुर्ग के 1 हितग्राही को विद्युत चाक दिए गए। वहीं महासमुंद में महासमुंद जिले के 71 और बलौदाबाजार के 18 माटीशिल्पी लाभान्वित हुए।

बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि योजना का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला का संरक्षण-संवर्धन करते हुए शिल्पकारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में बोर्ड के प्रबंध संचालक जय प्रकाश मौर्य, प्रबंधक साकेत कुमार राजपुरिया सहित कर्मचारी और कुम्हार समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।