चित्रकोट, मैनपाट, सिरपुर और राजिम समेत प्रमुख स्थलों का होगा विकास, 1,000 पर्यटन उद्यमी होंगे तैयार
रायपुर, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन शुरू किया जाएगा। इसके जरिए पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बनाया जाएगा।
मंत्रालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में मिशन की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इसके तहत 500 करोड़ रुपए की मिशन निधि प्रस्तावित है। वहीं, पीपीपी, सीएसआर और केंद्र-राज्य की योजनाओं के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की योजना है।
प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा विकास
प्रथम चरण में चित्रकोट, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो और राजिम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क, पार्किंग, स्वच्छता, पर्यटक सहायता केंद्र और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रदेश में चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट बनाने की भी योजना है।
युवाओं और महिलाओं को मिलेंगे अवसर
मिशन के तहत 1,000 पर्यटन उद्यमी तैयार करने और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके अलावा 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों तथा 500 टूर गाइड और फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य पर्यटकों की संख्या दोगुनी करना और उनके औसत प्रवास को दो दिन तक बढ़ाना है। इसके लिए 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई गई है। डिजिटल वेबसाइट, मोबाइल एप, ऑनलाइन बुकिंग और नेविगेशन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन विकास में स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं के लिए समय-सीमा तय कर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटन से होने वाली आय का लाभ स्थानीय युवाओं, महिलाओं और व्यवसायियों तक पहुंचे।

