अहंकार से होता है व्यक्ति का पतन : मनीष सागरजी महाराज,विवेकानंद नगर में नवपद ओली समापन पर सम्यक तप की आराधना

रायपुर। विवेकानंद नगर में नवपद ओलीजी के अंतिम दिन सम्यक तप पद की आराधना की गई। धर्मसभा में उपाध्याय प्रवर मनीष सागरजी महाराज ने कहा कि अहंकार व्यक्ति के पतन का बड़ा कारण है। चाहे जितनी ऊंचाई पर पहुंचे, विनम्रता नहीं छोड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोह रूपी शत्रु पर विजय पाना ही गृहस्थ जीवन का लक्ष्य है। द्वेष अपने दोषों से करना चाहिए, अच्छाइयों को आत्मसात कर जीवन को सकारात्मक बनाना चाहिए।
महाराजश्री ने कहा कि तप अपने भीतर झांकने की क्रिया है। बाह्य और अंतरंग तप के माध्यम से राग, द्वेष व मोह को त्यागकर आत्मा में स्थिर होना ही सच्चा पुरुषार्थ है।
सभा में उन्होंने सहजता, विनम्रता और सम्यक दृष्टि के साथ जीवन जीने का संदेश भी दिया।